Unicorn startups in Hindi (यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या है)

Unicorn startups in Hindi (यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या है) जब कोई Startup (उद्यम) का मार्किट  Value 100 Billion Dollar मतलब भारतीय रुपया के अनुसार 7000 करोड़ का हो जाये तब वो स्टार्टअप यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है!

आज हम आपको बताएँगे की किसी स्टार्टअप को हम कब यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहते है और क्यों कहते है,बिसनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी स्टार्टअप में इन्वेस्ट हुए पैसे और उस स्टार्टअप के भविष्य और Market Value  को देखते हुए उन्हें ये नाम दिया जाता है.स्टार्टअप की दुनिया में यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाना बहुत ही बड़ी उपलब्धि को दर्शाता है!

यूनिकॉर्न startups नाम कहा से आया

सर्वप्रथम इस शब्द का उल्लेख VENTURE CAPITALIST Aileen lee ने 2013 में किया था  जो की cowboy VC के संस्थापक है इनकी यह Company California के Palo Alto में है.तब से लेकर आज  तक या कहे आने वाले समय में भी इस नाम का उपयोग किया जायेगा.

CBinsights के अनुसार July 2020 तक 483 Startups युनिकोर्न्स पूरी दुनिया में हो चुके है 

वैसे तो स्टार्टअप के बड़े होने के साथ साथ उनको संबोधित  करने के नाम में भी बदलाव होता है जैसे की Decacorn और Hectocorn

unicorn startups
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जब कोई स्टार्टअप Company की मार्किट Value 10 Billion Dollar हो जाये तब वो स्टार्टअप DECOCORN कहलाती है वही जब कोई Company 100 Billion Dollar की हो जाये तब वो स्टार्टअप HECTOCORN बन जाती है.

कोई स्टार्टअप unicorn कब बनता है 

बड़े बड़े Venture Capitalist Firms जब किसी स्टार्टअप में अपना पैसा Invest करते है तब उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात चलती है की कैसे इस स्टार्टअप को बड़ा और फायदेमंद बनाये,इसी क्रम में स्टार्टअप में अधिक से अधिक पैसा लगाया जाता है ताकि उस स्टार्टअप के लिए काबिल Employers को Hire किया जाय और Company की Product को उनके कौशल से निखारा जा सके.

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आपने अक्सर सुना होगा की किसी बड़े Company ने किसी छोटे Company को खरीद लिया क्या आपने कभी सोचा है की ऐसा क्यों होता  है?

कोई  स्टार्टअप यूनिकॉर्न कैसे बनता है

कोई Company दूसरे Company को क्यों खरीद लेती है,असल में ये सब किसी स्टार्टअप को यूनिकॉर्न स्टार्टअप में बदलने की ही एक रणनीति होती है,बड़े Venture capitalists  Firms हमेशा GET BIG FAST (GBF) की रणनीति पर फोकस करते है.

जब वे किसी स्टार्टअप में अपना पैसा लगाते है तब उनके ध्यान में ये रहता है की कौन सी और Company है  जो की बाद में उनके  Startups को चुनौती दे सकती है उन्ही के छेत्र  में अगर  उनको लगता है की कोई Company या स्टार्टअप उन्हें उनके स्टार्टअप को बड़ा बनाने से रोक सकती है

तब वे लोग उस Company को खरीद कर अपने स्टार्टअप में मिला लेते है ताकि उनका Market Value बढ़ जाये और उनके ऊपर चढ़ने का रास्ता भी साफ़ हो जाये और बाद में चलकर Monopoly करके UNICORN,DECACORN,HECTOCORN  स्टार्टअप बना  सके.

इसी तरह ज्यादा से ज्यादा Funding करके स्टार्टअप के Product के दाम में कटौती भी की जाती है ताकि मार्किट में कोई Competitor न रहे और मार्किट Share उनका बढ़ता रहे किसी स्टार्टअप की मार्किट शेयर जितना बढेगा उस स्टार्टअप के बड़े होने की संभावना भी अधिक बनी रहेगी.

इसी तरह ज्यादा Funding होने के वजह से  स्टार्टअप के मार्केटिंग और Technology को भी बढ़ावा दिया जाता है ताकि वो स्टार्टअप जल्दी से जल्दी अपने Costumers तक पहुंच पाए जिससे की उनकी Growth हो सके.

July 2020 तक अब तक पूरी दुनिया में 483 Unicorn Startups हो चुके है वही भारत में Unicorn Startups की संख्या 21 है.

निष्कर्ष – “उद्यम करना हर किसी का सपना होता है और वो सपना जब यूनिकॉर्न बन जाये तब ये बहुत बड़ी उपलब्धि होती है “

उम्मीद है की इस लेख Unicorn startups in Hindi (यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या है) इसे पढ़कर आपको अच्छी जानकारी मिली होगी !

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